‘गैंगरेप की बात कहो तो ₹50 लाख दूँगा’, हाथरस केस में यह कैसी ‘साजिश’: एक नेता और पत्रकार के खिलाफ राजद्रोह का केस

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--- ‘गैंगरेप की बात कहो तो ₹50 लाख दूँगा’, हाथरस केस में यह कैसी ‘साजिश’: एक नेता और पत्रकार के खिलाफ राजद्रोह का केस लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

हाथरस मामले को लेकर हुई बड़ी साजिश के मामले में उत्तर प्रदेश की पुलिस ने 19 FIR दर्ज किए हैं। हाथरस जिले में लोगों को दंगे के लिए भड़काने और उकसाने के आरोप में एक राजनेता और एक पत्रकार के खिलाफ भी राजद्रोह का मामला दर्ज हुआ है। अज्ञात के रूप में इन दोनों के नाम FIR में दर्ज हैं। इन सभी पर लोगों को उकसाने के साथ-साथ आपराधिक साजिश रचने और हाथरस कांड को लेकर झूठी अफवाह फैलाने का आरोप है।

हाथरस के चंदप्पा थाने में ये मामला दर्ज हुआ है। साथ ही यहाँ दर्ज हुई 3 FIR में ‘भीम आर्मी’ के मुखिया चंद्रशेखर आजाद उर्फ़ ‘रावण’ समेत 680 लोगों के खिलाफ धारा-144 के उल्लंघन का ममला दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश में दर्ज हुई 19 FIR के बाद इसे दर्ज किया गया है। इससे पहले रविवार (अक्टूबर 4, 2020) को एक पुलिसकर्मी की तरफ से की गई शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाने के आरोप लगाए गए थे।

इस शिकायत में कहा गया था कि पीड़िता के परिवार पर गलत बयान देने का दबाव था और इसके एवज में उन्हें 50 लाख रुपए देने का लालच एक राजनेता ने दिया था। साथ ही एक पत्रकार द्वारा पीड़िता के भाई को कहा गया था कि वो पिता को मीडिया में उसका मनपसंद बयान देने के लिए मनाए। पिता पर मीडिया में ये कहने का दबाव था कि वो सरकार की कार्रवाई से खुश नहीं हैं। एडीजी प्रशांत कुमार ने भी इसकी पुष्टि की है कि राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश हो रही थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा कि बाहर से धन मँगा कर उत्तर प्रदेश में दंगे व अशांति फैलाने की साजिश रची गई थी। सब-इंस्पेक्टर अवधेश कुमार की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर इस मामले में FIR दर्ज की गई है। इस शिकायत में कहा गया है कि असामाजिक तत्व मिल कर सामाजिक सौहार्द को भंग करने के लिए सरकार के खिलाफ सुनियोजित साजिश रच रहे हैं। हाथरस गेट थाने में भी इस मामले में मुकदमे दर्ज हुए हैं।

सोशल मीडिया में झूठे पोस्ट डालने, सीएम योगी आदित्यनाथ की एडिटेड तस्वीरें अपलोड करने, जाति आधारित संघर्ष और देश की एकता-अखंडता को भंग करने के प्रयास करने और सरकार की छवि बिगाड़ने के लिए द्वेषपूर्ण सूचनाएँ फैलाने के आरोप हैं। बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर, प्रयागराज, हाथरस, अयोध्‍या और लखनऊ में कुल 13 अभियोग पंजीकृत किए गए। दुष्कर्म वाली बात कहने के लिए भी परिवार पर दबाव डाला गया।

उधर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक ने बताया कि धारा-153A के तहत दर्ज हुआ मुकदमा मनी लॉन्ड्रिंग के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है। हाथरस पर रातोंरात बनी वेबसाइट का डोमेन किसने खरीदा, मेल आईडी व फोन नंबर किसने इस्तेमाल किया और इसके लिए कितने रुपए कहाँ से जमा किए गए थे, इसकी जाँच अब ED करने वाला है। सर्वर प्रोवाइडर से जानकारी ली जाएगी और धन के अवैध आवागमन के स्रोत का पता लगाया जाएगा।

यूपी पुलिस ने एक राजनीतिक दल के प्रतिनिधिमंडल के खिलाफ हाथरस के चंदपा पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की है, जिन्होंने मृतका के घर का दौरा किया था। पुलिस ने उन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मृतका के परिजनों का प्रोपेगेंडा आधारित वीडियो/ऑडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया। उन पर भादवि की धारा- 147, 148, 323, 504, 332, 353, 427, 188 और सीएलए अधिनियम 7 के तहत आरोप लगाए गए हैं।



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