‘ये ट्रेलर था… तुम्हारी जिंदगी कभी भी, कहीं भी खत्म कर सकते हैं’ – बम हमले के बाद इजरायली राजदूत को लेटर-धमकी

इजरायल ब्लास्ट ईरान

--- ‘ये ट्रेलर था… तुम्हारी जिंदगी कभी भी, कहीं भी खत्म कर सकते हैं’ – बम हमले के बाद इजरायली राजदूत को लेटर-धमकी लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

इजरायल दूतावास के नजदीक हुए विस्फोट के बाद शक की सुइयाँ ईरान पर टिकी हुई हैं। छानबीन की जा रही है कि आखिर पिछले 1 माह में कौन-कौन ईरानी नागरिक भारत आया। इस बीच पत्रकार आदित्य राज कौल ने अपने ट्विटर पर उस आतंकी की चिट्ठी को शेयर किया है, जिसने भारत में इजरायल दूतावास के बाहर हमला बोला।

यह पत्र भारत में इजरायल दूतावास में राजदूत डॉ रॉन मलका के नाम है। इसमें कहा गया है, “हम तुम्हारी जिंदगी कभी भी, कहीं भी खत्म कर सकते हैं।” आतंकी ने लिखा कि दूतावास के बाहर हुआ हमला सिर्फ एक ट्रेलर दिखाया गया है कि हम तुम पर कैसे निगरानी बनाए हुए हैं।

आतंकी का पत्र में कहना है कि इजरायल उनके निशाने पर है। कोई उन्हें नहीं रोक सकता। इजयराली चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन वे (आतंकी) उनकी जिंदगी कभी भी, कहीं भी खत्म कर देंगे। इसमें यह भी लिखा है कि वह इजरायल के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करना चाहते हैं। मासूमों का खून नहीं बहाना चाहते।

धमकियाने अंदाज में लिखा कहा गया, “याद रखना, इजरायली आतंकी विचारधारा के हर प्रतिभागी और सहायक को अस्तित्व में नहीं रहने दिया जाएगा। हमारे जाबाँजों (हीरो) द्वारा बड़े और बढ़िया बदले के लिए तैयार हो जाओ।”

इस पत्र के अंत में ईरानी सेना के अधिकारी कासिम सुलेमानी, ईरानी नेता अबु महदी अल-मुहनदीस और ईरानी वैज्ञानिक डॉ मोहसिन फकरेजादेह को शहीद बताकर इनके नामों का उल्लेख किया गया है। आखिर में इजरायली लोगों को कहा गया है कि वे बस अब अपने दिन गिनने शुरू करें।

गौरतलब हो कि दिल्ली में इजरायली दूतावास के पास बम ब्लास्ट की सुरक्षा एजेसियाँ हर एंगल से जाँच कर रही हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) से पिछले एक महीने में दिल्ली आए सभी ईरानी नागरिकों के बारे में जानकारी माँगी है। साथ ही उन ईरानी नागरिकों की लिस्ट भी माँगी है, जो पिछले काफी दिनों से भारत मे रह रहे हैं।

मालूम हो कि इजरायल दूतावास के पास कम तीव्रता के विस्फोट के बाद से ही देश की सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं। ब्लास्ट की घटना के बाद दिल्ली पुलिस शहर में रह रहे ईरानियों की तलाश रही और कुछ से पूछताछ भी की जा रही है। जिन ईरानी नागरिकों के वीजा एक्सपायर हो गए हैं और फिर भी रुके हैं, उनको लेकर FRRO से डेटा लिया गया है।

अब तक कि जाँच से पता चला है कि जब धमाका हुआ था, तो उस इलाके में लगभग 45000 मोबाइल नंबर एक्टिव थे। स्पेशल सेल की टीम घटना से जुड़े सबूतों को बरामद करने के लिए लगातार मौके पर पड़ताल कर रही हैं।

मीडिया सूत्रों का कहना है कि घटनास्थल से मिले पत्र में लिखी धमकी की लिखावट काफी साफ-सुथरी है, जिसे किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में नहीं लिखा गया है। यह इस बात का संकेत देती है कि धमाका पहले से की गई योजना के तहत किया गया है।



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