एमपीः कोल महाकुंभ से लौट रहीं 3 बसें हादसे का शिकार, 10 मौतें

एमपी में भीषण हादसा सीधी जिले की मोहनिया टनल से लगे बरखड़ा गांव के नजदीक हुआ। सीमेंट से भरे एक ट्रक का टायर फटा। टायर फटने के बाद ट्रक अनियंत्रित हुआ और उसने मोहनिया टनल के निकट खड़ी तीन बसों को उड़ा दिया। बसों में कौल समुदाय के साथ-साथ अन्य समाजों के लोग और भाजपा के कार्यकर्ता सवार थे।

दुर्घटना में घायल हुए लोगों ने बताया है कि तीनों बसें सतना में आयोजित कोल महाकुंभ में शामिल होकर लौट रहीं थीं। मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को सतना में कोल महाकुंभ का आयोजन किया था। आयोजन के मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी काबीना के अनेक सदस्य, भाजपा संगठन और उसके नेता भी कार्यक्रम में शामिल रहे थे। स्थानीय प्रशासन जलसे की व्यवस्थाओं में जुटा रहा था। 

हादसे को लेकर बताया गया है बसों को सीधी एवं सिंगरोली जाना था। सतना जलसे से लोगों को लेकर घर वापसी के लिए निकली बसों को सीधी जिले की मोहनिया टनल के पास रोका गया था। सभी को यहां खाना और पानी वितरित किया गया था। बसें रूकने पर कई लोग खाना लेकर नीचे उतर आये थे, जबकि बहुतेरे लोग बसों में ही बैठकर खाना खा रहे थे।

रात नौ बजे घटनाक्रम हुआ। कोई कुछ समझ पाता इसके पहले एक तेज रफ्तार ट्रक ने तीन बसों में सबसे पीछे खड़ी बस को जोरदार टक्कर मारी। पीछे वाली बस आगे खड़ी बसों से टकराईं। तेज रफ्तार ट्रक रूका नहीं। बसों को घसीटते हुए एक 407 लोडिंग ट्रक को भी उसने अपनी चपेट में लिया। दो बसें 10 फीट गहरे गड्डों में उतरकर पलट गईं, जबकि अन्य बस और लोडिंग ट्रक सड़क पर पलट गए। टक्कर मारने वाला सीमेंट से भरा ट्रक भी पलट गया।

हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण एवं आसपास के लोग सबसे पहले पहुंचे। राहत और बचाव का कार्य आरंभ हुआ। पुलिस व प्रशासन का अमला भी पहुंचा। सबने मिलकर बसों में फंसे लोगों को निकाला। बेसुध और बुरी तरह जख्मी लोगों को अस्पताल पहुंचाया।

भीषण हादसे की सूचना मिलने पर आधी रात को मौके पर पहुंची सीधी की बीजेपी सांसद रीति पाठक ने 10 मौतें और 50 के लगभग लोगों के घायल होने की बात मीडिया से कही। उन्होंने मीडिया को बताया कि हादसे का शिकार हुए लोग केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जलसे से लौट रहे थे। वापसी में हादसे का शिकार हुए।

टायर फटने से हुआ हादसा

हादसे की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचे सीधी कलेक्टर साकेत मालवीय ने मीडिया से कहा, ‘घटना सीमेंट से भरे ट्रक का टायर फटने से होने की प्राथमिक सूचना सामने आयी है। फिलहाल प्रशासन का पहला प्रयास हादसे में जख्मी हुए लोगों को बचाने का है। उन्हें बेहतर से बेहतर उपचार देने के प्रयास तेज हैं। सभी घायलों को रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेजा गया है।’ कलेक्टर मालवीय ने मौतों को लेकर कहा, ‘डॉक्टरों द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद वे अधिकारिक आंकड़ा बता सकेंगे। 7-8 लोगों के मारे जाने की आशंका उन्होंने जताई।’ कलेक्टर ने कहा, ‘घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच के बाद ही सबकुछ स्पष्ट होगा।’

लोगों ने लगाए आरोपः घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसा टनल के मोड़ पर बसों को रोकने के कारण हुआ। लोगों ने कहा, ‘थोड़ी सी समझदारी दिखाते हुए खाना-पानी देने के लिए बसों को टनल से काफी पहले अथवा टनल के बाद सुरक्षित स्थान पर रोक लिया जाता तो भीषण हादसा नहीं होता। निर्दोष लोग नहीं मारे जाते। घायल नहीं होते। हादसे के बाद निकट के अस्पतालों में उपचार की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने के आरोप दुर्घटना में घायल लोगों के परिजनों ने लगाए। यह भी आरोप लगाया कि कई लोग समुचित उपचार के अभाव में मारे गये हैं। उधर कांग्रेस ने इस आरोप के साथ सरकार को घेरा कि सतना में आयोजित कोल जनजाति महाकुंभ के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए विंध्य क्षेत्र के सभी जिलों को 300-300 बसें भरकर लोगों को लाने का टारगेट दिया गया था। शाम साढ़े 5 बजे कार्यक्रम खत्म हुआ, जिसके बाद सभी बसें सतना से रामपुर बघेलान और रीवा के रास्ते मोहनिया टनल होकर सीधी-सिंगरोली के लिए जा रही थीं। टनल से पहले एक असुरक्षित और दुर्घटना संभावित स्थान पर तीन बसों को रोका गया, जिससे हादसा हो गया।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना की सूचना मिलने पर आधी रात को ट्वीट करके दुःख जताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के स्वस्थ होने की कामना की।

शिवराज रात को पहुंचे घटनास्थल पर

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रात करीब एक बजे घटना स्थल पर पहुंचे। मौके का मुआयना करने बाद वे रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल पहुंचे और वहां भरती हादसे के घायलों एवं घायलों के परिजनों को भरोसा दिलाया कि प्रत्येक घायल का बेहतर से बेहतर उपचार सरकार अपने खर्चे पर कराएगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का एलान भी किया। समाचार लिखे जाने के समय रात सवा बजे तक राहत और बचाव का कार्य जारी था।



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