प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को बेंगलुरु में एशिया के सबसे बड़े एयरो शो, एयरो इंडिया 2023 का उद्घाटन किया। उन्होंने तकनीक की दुनिया में भारत की ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा इससे कर्नाटक में भी नए अवसर और संभावनाएं पैदा होंगी। इस बार 14वें इवेंट में विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी करने के लिए स्वदेशी उपकरणों और तकनीकों को प्रदर्शित किया गया है। पांच दिवसीय एयरो शो लुभावने एयर शो, एरोबेटिक्स और प्रदर्शनियों के साथ आगंतुकों को भी रोमांचित कर रहा है।

एयरो इंडिया 2023 में सोमवार को पीएम मोदी।
हालांकि एयरो इंडिया के आयोजन का संबंध कर्नाटक विधानसभा चुनाव से नहीं है। चुनाव चार महीने के अंदर होने वाले हैं। लेकिन पीएम मोदी ने कर्नाटक के युवाओं से जिस तरह आह्वान किया, उससे साबित होता है कि प्रधानमंत्री किस तरह अपने भाषण को किसी भी तरफ मोड़ने की क्षमता रखते हैं। हालांकि कर्नाटक के युवाओं से उनका आह्वान सीमित रहा और वो ज्यादातर आत्मनिर्भर भारत पर बोलते रहे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत कोई मौका नहीं खोएगा। हम कमर कस चुके हैं। हम हर क्षेत्र में बदलाव ला रहे हैं।
युनाइटेड स्टेट्स एयर फ़ोर्स (USAF) के प्रमुख फ़ाइटर जेट्स में से एक, F-16 फाइटिंग फाल्कन डुओ दैनिक हवाई प्रदर्शन करने वाला है। F/A-18E और F/A-18F सुपर हॉर्नेट, अमेरिकी नौसेना का सबसे उन्नत फ्रंटलाइन कैरियर-भी यहां प्रदर्शित किया गया है।
इस आयोजन में 98 देशों की लगभग 809 कंपनियां भाग ले रही हैं। हालाँकि इस आयोजन में विदेशों के अलावा भारतीय प्राइवेट डिफेंस की महत्वपूर्ण भागीदारी है। इससे विदेशों में भारत अपने ब्रांड को प्रभावी रूप से पेश करेगा। एयरो इंडिया 2023 का विषय "द रनवे टू ए बिलियन अपॉर्चुनिटीज" है।
नरेंद्र मोदी सरकार, अपनी "मेक इन इंडिया" नीति के तहत, लॉकहीड मार्टिन कॉर्प, बोइंग और एयरबस जैसे निर्माताओं पर जोर दे रही है कि तकनीक साझा करें या देश में अपनी कंपनियां भारतीय निजी क्षेत्र के साथ खोलें।
एयरो इंडिया 2023 में विभिन्न भारतीय और विदेशी रक्षा कंपनियों के बीच 75,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वाले 251 समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।
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